Saturday, March 2, 2024
राष्ट्रीय

यूट्यूबर मनीष कश्यप ने किया सरेंडर, कुर्की में घर का सारा सामान जब्त

तमिलनाडु में बिहारी श्रमिकों पर हमले का झूठा और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के आरोपी बिहार के  यूट्यूबर मनीष कश्यप ने शनिवार को सरेंडर कर दिया। पुलिस की टीम शनिवार सुबह कश्यप  के घर कुर्की करने पहुंची, जिसके बाद आरोपी ने सरेंडर कर दिया। यूट्यूबर मनीष कश्यप पर श्रमिकों पर हमले का झूठा वीडियो पोस्ट करने का आरोप है।

पुलिस के दर्जन भर पदाधिकारी शनिवार सुबह करीब पांच बजे मनीष कश्यप के मझौलिया थाना क्षेत्र के महानवा गांव में पहुंचे और कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी। चंपारण रेंज के डीआईजी जयंत कांत, एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा की मौजूदगी में पुलिस ने मनीष कश्यप के घर के एक-एक सामान को जब्त कर लिया।

पुलिस ने घर के दरवाजे और खिड़कियां भी उखाड़ ली। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ लगी रही। ट्रैक्टर पर लोड कर सामान को मझौलिया थाना में लाया गया है। वहीं, कुर्की की जानकारी होने पर मनीष कश्यप ने जगदीशपुर ओपी में सरेंडर कर दिया है।

बताया जा रहा है कि मनीष ने आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के दबाव में आकर सरेंडर किया है। ईओयू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मनीष कश्यप के बैंक खातों में उपलब्ध राशि को फ्रीज कराया गया है। मनीष कश्यप के एसबीआई के खाते में 3,37,496 रु, आईडीएफसी के खाते में 51,069 रु, एचडीएफसी में 3,37,463 रुपये और सच तक फाउंडेशन के एचडीएफसी के खाते में 34,85,909 रुपये हैं। कुल राशि 42,11,937 रुपये हैं। मनीष कश्यप के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य मिले हैं। इस पर गहन अनुसंधान किया जा रहा है।

मनीष कश्यप के घर की कुर्की किस मामले में की गई है, अभी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। हालांकि एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि ये मामले 2019 से अब तक के हैं।

मनीष कश्यप के ऊपर सात केस हैं दर्ज- बेतिया एसपी उपेंद्रनाथ

एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि बेतिया में मनीष कश्यप के ऊपर सात केस में पांच केस में चार्जशीटेड हैं। एक केस में जमानत पर मुक्त है और एक केस में कुर्की के लिए अर्जी दी गई है। जल्द ही कुर्की से संबंधित आदेश मिलने वाला है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये मामले 2019 से अब तक के हैं। इस संबंध में पुलिस कार्रवाई कर रही थी। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही थी। इसके साथ ही पुलिस इन मामलों में न्यायालय की प्रक्रिया भी कर रही थी।

मनीष कश्यप पर आरोप है कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपनी गिरफ्तारी की झूठी पोस्ट शेयर की थी, जो कि असत्य थी। यह तस्वीर पांच फरवरी 2019 की थी, जब पटना पुलिस के द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया था। अपने ट्विटर हैंडल पर किए गए असत्य पोस्ट के विरुद्ध भी मनीष कश्यप पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमला के फेक वीडियो वायरल करने के मामले में पटना में उसके खिलाफ मामला दर्ज है। जबकि बेतिया में भी उसके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं। इस वीडियो में अनिल कुमार और आदित्य कुमार मरहम-पट्टी लगाकर नकली मजदूर बने थे। वीडियो को राकेश रंजन ने छह मार्च को यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया था, जिसे आठ मार्च को यूट्यूबर मनीष कश्यप ने ट्वीट कर प्रसारित कर दिया था।

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