Wednesday, February 28, 2024
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Uttarakhand – कोरोना को हराएगा अल्मोड़ा की नयी खोज – चेरी टमाटर 

उत्तराखंड के कृषि वैज्ञानिकों ने टमाटर की नयी प्रजाति खोजी 

मेडिकल साइंस का दावा है कि कोरोना काल में विटामिट सी का प्रयोग काफी लाभदायक होता है। ऐसे में उत्तराखंड  के अल्मोड़ा में मौजूद विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है यहाँ टमाटर की एक नई प्रजाति विकसित की है, जिसमें सामान्य टमाटर की अपेक्षा विटामिन सी की मात्रा दोगुने से भी अधिक है। चेरी टमाटर-1 नाम की यह प्रजाति खास तौर पर सलाद के लिए अधिक बेहतर मानी जा रही है। इसके पेड़ की बेलें सामान्य टमाटर की अपेक्षा काफी बड़ी और फैली होती हैं, जिसकी पैदावार 350 से 375 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। चैरी टमाटर-1 नाम से टमाटर की नई प्रजाति का खेतों में परीक्षण किया जा चुका है।वीएल चैरी टमाटर-1 में विटामिन सी की मात्रा प्रति 100 ग्राम में 86 मिग्रा. है, जबकि सामान्य टमाटर में यह मात्रा 32 मिलीग्राम होती है। सामान्य टमाटर की अपेक्षा इस टमाटर की पैदावार भी करीब डेढ़ से दो गुना अधिक होती है।

खत्म हो रहा है पहाड़ का बेशकीमती चुल्लू का तेल और चटनी 

आर्थिकी के साथ ही जैव विविधता के संरक्षण में मददगार चुल्लू अब मौसम की मार और वनीकरण के अभाव में गायब होने लगा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बनने की क्षमता रखने वाले चुल्लू के तेल की बादाम के तेल के विकल्प के तौर पर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खूब मांग है। लेकिन अब मौसम की मार और वनीकरण के अभाव में इन पेड़ों की संख्या बढ़ नहीं पा रही है। पुराने पेड़ जर्जर होकर खत्म होते जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मददगार यह जंगली फल तेजी से सिमटता जा रहा है।
चुल्लू की गिरी से निकलने वाला तेल बादाम तेल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होता है। यह बाजार में आसानी से एक हजार रुपये लीटर तक बिक जाता है।  इसके अलावा इससे कई अन्य खाद्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं ….. रवाईं घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन , चमोली , उत्तरकाशी हर्षिल के किसान बताते हैं कि बीते कई दशकों से चुल्लू के वनीकरण पर न तो ग्रामीण ध्यान दे रहे हैं और न ही सरकारी विभाग जिससे ये बहुमूल्य पहाड़ी धरोहर खत्म होने की कगार पर पहुँच गयी है

 

231 दिन बाद खुले स्कूल लेकिन नहीं दिखी रौनक

सात महीने के लॉकडाउन के बाद आज से उत्तराखंड में स्कूल तो खुल गए लेकिन उम्मीद के मुताबिक न स्टूडेंट्स में जोश दिखा और न ही स्कूल परिसर में रौनक ….. आपको बता दें की पहले दौर में माध्यमिक स्कूलों में केवल कक्षा 10 और 12 वीं के छात्रों को आने की अनुमति दी गयी है ….. इसमें भी केवल वो ही छात्र स्कूल आ सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें मंजूरी देंगे। सर्दियों के समय के अनुसार सुबह 9.15 बजे सभी स्कूल खुल गए हैं। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने शिक्षा निदेशक और सभी नोडल अफसरों को व्यवस्था पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आपको याद दिला दें की कोरेाना संक्रमण की शुरूआत पर 14 मार्च से राज्य के सभी शैक्षिक संस्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। 231 दिन बंद रहने के बाद सोमवार से स्कूल खोलने का पहला चरण शुरू हो गया है। 

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