Saturday, April 13, 2024
राष्ट्रीय

वीरगति को प्राप्त हुए मेजर मयंक विश्नोई, शोपियां में शहीद हुआ मेरठ का लाल

-आकांक्षा थापा

भारतीय सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए हमेशा ततपर रहता है… उसके लिए अपने परिवार से भी पहले देश प्रेम आता है। इसका जीता जागता उदाहरण है मेजर मयंक विश्नोई। जम्मू कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुए मेजर विश्नोई शनिवार को शहीद हो गए। बताया गया कि मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी मेजर मयंक विश्नोई घाटी में दुश्मनों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ उनका इलाज हुआ । मेजर मैदान की जंग तो जीत गए किन्तु जिंदजी की जंग हार गए। शनिवार सुबह उन्होंने सैनिक अस्पताल में वीरगति प्राप्त की। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पर पहुंचेगा, जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वहीँ, मेजर विश्नोई के शहीद होने की खबर से उनके परिवार सहित पूरे मेरठ में शोक की लहर है.. .

आपको बता दें, मेजर विश्नोई आईएमए देहरादून से साल 2010 में पास आउट हुए थे। वहीं पूरे परिवार को मयंक की शहादत पर जहां एक ओर गर्व है वहीं, बेटे की शहादत की खबर सुनकर उनका रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को शोपियां में दुश्मन से लोहा लेते हुए मयंक के सिर पर गोली लगी थी। गंभीर अवस्था में मयंक को उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पिता बिरेंद्र विश्नोई, माता मधु बिश्नोई और पत्नी स्वाति विश्नोई उधमपुर पहुंच गए।

मेजर मयंक की मामी उषा विश्नोई और चचेरे भाई अंकुर गोयल ने बताया की शोपियां में सैनिक टुकड़ियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, जिसमें मयंक के सिर पर गोली लगी थी। शहीद मेजर मयंक के पार्थिव शरीर को रविवार को मेरठ लाया जाएगा। परिवार और मोहल्ले के अन्य लोग भी सूचना मिलने पर परिवार को सांत्वना देने पहुंच गए।

मेजर बेटे की शहादत की खबर सुनकर क्षेत्र के गणमान्य लोग भी उनके आवास पर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे हैं। वहीं मेजर मयंक के परिवार के सदस्य उधमपुर होने के कारण मुजफ्फरनगर से भी उनके रिश्तेदार उनके घर मेरठ पहुंचे हैं। शहीद मेजर मयंक विश्नोई के आवास पर पहुंचने वालों का तांता लगा हुआ है…

 

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