Tuesday, April 23, 2024
उत्तराखंडमौसम

जल प्रलय की चपेट में उत्तराखंड, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त…

-आकांक्षा थापा

भारी बारिश की वजह से उत्तराखंड के कई हिस्सों में हाहाकार मचा हुआ है… इस तेज़ बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं… आपको बता दें, हरिद्वार और टिहरी में बारिश का हाल ऐसा है की गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, दूसरी तरफ़ बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह भूस्खलन होने से बंद है। बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुँच रहा है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.. वही राज्य के पुलिस-प्रशासन इसपर लगातार नजर बनाए हुए है और घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार के लिए प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही, सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हरिद्वार में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, यहाँ गंगा खतरे के निशान 294 मीटर से ऊपर 294.40 मीटर पर बह रही है। पानी के बहाव में भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण गंगनहर को बंद कर दिया गया है। इसको लेकर पहले ही प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया था। हादसों से बचें के लिए गंगा के तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ती जा रही है।

बता दें की जलस्तर राज्य के कई ज़िलों में बढ़ता जा रहा है, लगातर हो रही बारिश से देवप्रयाग में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। देवप्रयाग में 464.00 मीटर पर गंगा बह रही है, जबकि 463 से ऊपर खतरे का निशान है। जलस्तर इतना ज़्यादा बढ़ गया है की संगम स्थल भी पानी में डूबा है। बदरीनाथ राजमार्ग एनएच-58 भारी भूस्खलन के कारण ब्यासी के पास बंद है। मार्ग खोलने का प्रयास किया जा रहा है। दो लिंक रोड भी मलबा आने से बंद है। भरी बारिश से जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ लोगों का दैनिक जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है…

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