Wednesday, February 28, 2024
राष्ट्रीय

इथेनॉल-पेट्रोल ब्लेंड E20 को सरकार ने दी मंजूरी, अब पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों से मिलेगी राहत. ..

-आकांक्षा थापा

देश भर में पेट्रोल-डिजल के बढ़ते दामों ने जनता को परेशान कर दिया है। तेल हो या रसोई गैस सबकी कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं; महंगाई की चपेट से कोई नहीं बच पाया है। वहीं, सरकार ने इस बढ़ती महंगाई से लोगो को राहत देने की ठान ली है। दरअसल, परिवहन मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दे दी है. जिससे अपने आप पेट्रोल और डीजल की कीमत नीचे आ जाएगी. वहीं सरकार के इस फैसले से प्रदूषण भी कम होगा. .. आपको बता दें की 2014 में पेट्रोल में 1% से भी कम इथेनॉल मिलाया जाता था, जो बाद में बढ़कर 8.5% कर दिया गया था। फ़िलहाल, सरकार द्वारा पेट्रोल में 10% इथेनॉल मिलाना का लक्ष्य है। आपको बता दें की सरकार ने 2030 तक 20% इथेनॉल ब्लेंड करने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब पांच साल पहले ही, यानि 2025 में हासिल करने की तैयारी है।

सरकार ने सोच समझकर दी मंज़ूरी –
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि E20 एक ऐसा पेट्रोल है, जो वातावरण के लिए भी अच्छा है क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन सामान्य पेट्रोल के मुकाबले बेहद कम निकलता है. इस ईंधन के लिए कार और बाइक मैन्यूफैक्चर्स को अलग से बताना होगा कि कौन सा वाहन E20 के लिए उपयुक्त है, इसके लिए वाहन में एक स्टीकर भी लगाना होगा…

इथेनॉल -पेट्रोल ब्लेंड E20 के फायदे –
1. पेट्रोलियम पर भारत की निर्भरता काफी कम हो जाएगी, अभी भारत अपनी जरूरत का 83% तेल इंपोर्ट करता है।
2. कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) कम निकलेगा तो वातावरण को होने वाला नुकसान भी कम हो जाएगा।
3. एथनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों को फायदा होगा, उनकी आय बढ़ेगी, क्योंकि एथनॉल गन्ने, मक्का और कई दूसरी फसलों से बनाया जाता है।
4. चीनी मिलों को कमाई का एक नया जरिया मिलेगा जिससे वो अपने कृषि बकाए को चुका सकेंगे।
5. एथनॉल काफी किफायती है इसलिए उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस फैसले से किसानों को होगा फायदा –
सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार 2025 तक 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग के लिए 1200 करोड़ एल्कोहॉल/एथनॉल की जरूरत होगी. 700 करोड़ लीटर एथनॉल बनाने में शुगर इंडस्ट्री को 60 लाख टन सरप्लस चीनी का इस्तेमाल करना होगा. जबकि 500 करोड़ लीटर एथनॉल दूसरी फसलों से बनेगा। परिवहन मंत्रालय के इस फैसले से किसानों को भी लाभ होगा…  दरअसल, एथेनॉल गन्ने, मक्का और कई दूसरी फसलों से बनाया जाता है. जिससे किसानों की आमदनी होगी और चीनी मिलों को भी फायदा होगा. इससे उन्हें अपने कृषि बकाए को चुकाने में भी आसानी होगी। आपको बता दें एथेनॉल काफी किफायती है, इसलिए उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है….

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