Monday, June 24, 2024
राष्ट्रीय

सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस के अधिकारियों पर केन्द्र सरकार का शिकंजा, गोपनीय बातें खिलने और बोलने पर लगाई पाबंदी

दिल्ली- देश की सुरक्षा और इंटेलिजेंस से जु़ड़े अधिकारी और कर्मचारी अब रिटायरमेंट के बाद अपनी सेवाकाल के गोपनीय अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं कर पाएंगे। केन्द्र सरकार ने गोपनीयता बनाए रखने के लिये एक नया आदेश जारी किया है। मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल (डीओपीटी) के नोटिफिकेशन के मुताबिक 18 एजेंसियों के कर्मचारी अगर रिटायर होने के बाद भी अपने विभाग से जुड़ी कोई चीज लिखते या बाहर लाते हैं तो उनकी पेंशन पर असर पड़ सकता है। इसमें सीबीआई, आईबी, राॅ, सीआरपीएफ, इंकम टैक्स, ईडी, एनआईए, डीआरआई, एनसीबी समेत 18 एजेंसियां शामिल हैं।

नए नियम के मुताबिक अब सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी से जुडे रिटायर्ड अफसरों पर पाबंदियां रहेंगी। रिटायर होने के बाद अधिकारी कर्मचारी डिपार्टमेंट से जुड़े तथ्यों को नहीं लिख पाएंगे और न ही ऐसी किसी जानकारी को मीडिया से शेयर कर पाएंगे। यदि इसका पालन नहीं होता तो ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सरकार कार्यवाई अमल में लाएगी। जिसके तहत इनकी पेंशन पर असर पड़ सकता है। यदि ऐसा कोई अधिकारी-कर्मचारी कोई किताब लिखता है या कोई जानकारी किसी के साथ साझा करना चाहता है तो उसे अपने विभाग के वर्तमान मुखिया से इजाजत लेनी पड़ेगी।
सरकार ने 1972 के सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल में बदलाव के बाद ये नोटिफिकेशन जारी किया है। ये बदलाव पेंशन रूल 8 में जोड़ा गया है। जिसके मुताबिक पेंशन आपके भविष्य के अच्छे कंडक्ट पर निर्भर करेगी। मतलब साफ है पूर्व अधिकारी अगर नई गाइडलाइन्स का उल्लंघन करते हैं तो आपकी पेंशन खतरे में पड़ सकती है।

31 मई, 2021 के मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल Public Grievances and Pensions नोटिफिकेशन के मुताबिक कोई भी गवर्नमेंट सर्वेंट जो कि खुफिया या सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़ा रहा हो और उसका आर्गेनाइजेशन RTI एक्ट 2005 के second schedule के तहत आता हो, वह मौजूदा हेड ऑफ आर्गेनाइजेशन की इजाजत के बिना आर्गेनाइजेशन से जुड़ी या फिर इसके दायरे में आने वाली जानकारी या तथ्य को छाप नही सकता।

नई गाइडलाइन्स के दायरे में 18 एजेंसियों के लोग आएंगे। ये लोग अगर रिटायर होने के बाद आपने विभाग से जुड़े तथ्यों पर कोई किताब लिखते हैं या कोई चिट्ठी पब्लिश करते हैं या उस आर्गेनाइजेशन से जुड़ी या उसके दायरे में आने वाली कोई जानकारी बाहर लाते हैं, तो उनकी पेंशन पर भी असर पड़ सकता है। इसमें सीबीआई, आईबी, राॅ, सीआरपीएफ, इंकम टैक्स, ईडी, एनआईए, डीआरआई, एनसीबी समेत 18 एजेंसियां शामिल हैं।

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