Dehradun Water ATM – न मिली तनख्वाह न मिले ग्राहक
आखिर कैसे स्मार्ट बनेंगा देहरादून स्मार्ट सिटी
आखिर कैसे स्मार्ट बनेंगे दून सिटी के लोग
स्मार्ट सिटी का पहला प्रोजेक्ट ही गिरा औंधे मुंह
मेगा प्रोजेक्ट वाटर एटीएम क्यों बने सफ़ेद हांथी
न कर्मचारियों को मिली सेलरी न मिले ग्राहक
जय भारत टीवी कर रहा स्मार्ट एटीएम की पूरी पड़ताल

यूँ तो आज के दौर में कौन स्मार्ट नहीं बनना चाहता है ….. कौन नहीं चाहता है की उसको मॉडर्न टेक्निक्स का फायदा मिले ….. लेकिन जिस तरह से देहरादून में पब्लिक प्लेस पर लगाए गए ये वाटर एटीएम कबाड़ बन रहे हैं वो पब्लिक और प्रशासन दोनों पर सवाल खड़े करती है , जी हाँ खबर देहरादून के लिए बेहद अफसोसनाक भी है और जागरूक करने वाली भी है ….. शहरभर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। संचालन का जिम्मा लेने वाली निजी कम्पनी ने कोरोनाकाल मे पानी की बिक्री नहीं होने का हवाला देते हुए इनका संचालन बंद कर दिया है। इसके चलते स्मार्ट सिटी की सबसे पहली व महत्वपूर्ण योजना खटाई में पड़ गई है।

लोगों को सस्ती दरों पर साफ पानी उपलब्ध करवाने के लिए शहर में 24 वाटर एटीएम लगाए जाने थे हांलाकि 15 एटीएम ने अपना काम शुरू कर दिया था। तीन शुरू होने ही वाले थे। इसी बीच लॉकडाउन हो गया।

कोरोनाकाल में संक्रमण के डर से लोगों ने वाटर एटीएम से पानी लेना बंद कर दिया। जिसके बाद कम्पनी ने वाटर एटीएम के रख रखाव व इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन देने को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। अब मात्र पांच जगह पर वाटर एटीएम चल रहे हैं, वह भी बन्द होने की कगार पर हैं।


