Thursday, February 22, 2024
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना संवारेगी छोटे व्यापारियों की किस्मत,50 हजार के लोन से कर सकेंगे अपने व्यापार की शुरूआत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान नैनो योजना में हुए संशोधन ने छोटे व्यापारियों को व्यापार शुरू करने के लिए एक संजीवनी का काम किया है…जी हां 10 हजार से ये राशि अब 50 हजार होने से अब कोई भी अपना व्यापार शुरू कर सकेगा… अब उद्योग विभाग ने इसके लिए शासनादेश जारी कर दिया है….प्रदेश सरकार ने कोरोना काल के दौरान वापस आये प्रवासियों, छोटे व्यापारियों, उद्यमशील युवाओ के संचालन के लिए कई सेवाएं शुरू की हैं…लेकिन अधिकतम सेवाओं में योजनाओ के नियम एवं ऋण प्राप्त करने के लिए अपेक्षित औपचारिकता ज्यादा होने के कारण छोटे उधमियों को बहुत परेशानी होती थी….जिसके चलते उत्तराखंड सरकार ने छोटे व्यवसायियों एवं उद्यमियों को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोजगार  नैनो (अति सूक्ष्म) योजनाशुरू की थी…जिसके चलते प्रवासियों और अन्य छोटे व्यापारियों को बैंकों से पहले 10 हजार की सौगात दी जाती थी लेकिन संशोधित शासनादेश जारी करने के बाद अब उधम शुरू करने लिए इक्छुक युवाओ एवं व्यापारियों को 50 हजार तक का ऋण मिल सकता है….क्षेत्र विशेष के हिसाब से इस पर अनुदान का प्रावधान किया गया है…

आपको बता दें कि इन छोटे उधमों को शुरू करने के लिए लोन लिया जा सकता हैं…जिनमें शामिल हैं सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, फास्ट फूड, चाय, पकौड़ा, अंडे आदि की बिक्री, दर्जीगिरी, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल रिचार्ज प्वाइंट, ब्यूटी पार्लर, एंब्रॉयडरी, सिलाई-बुनाई, बुक बाइंडिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, चूड़ीवाला, पेपर मैच क्राफ्ट, धूप-अगरबत्ती निर्माण, झाडू निर्माण, रिंगाल कार्य, पेपर बैग निर्माण, कैंडल निर्माण, देसी गाय पालन, मशरूम की खेती, साग-सब्जी उगाना, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मशीन रिपेयरिंग, फूल विक्रेता, कार वाशिंग, ब्लॉगिंग, ट्यूबर, बार्बर, कॉबलर्स, पैन शॉप्स, डेयरी, बैकयार्ड पॉल्ट्री, चिकन-मटन शॉप, छोटी बेकरी, कारपेंट्री, लौहार गिरी, लांड्री आदि जैसे छोटे उद्यमों को शुरू करने के लिए लोन लिया जा सकता हैं… 

 मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना से सम्बंधित लोने लेने या उधमों के लिए जरूरी नियम :

  • आवेदक की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए
  • शैक्षिक योग्यता पर बाधा नहीं होनी चाहिए
  • आवेदक राज्य का मूल निवासी होना चाहिए
  • किसी भी बैंक से दोषी (डिफॉल्टर) नहीं होना चाहिए
  • संबंधित बैंक में आवेदक का खाता हो
  • कारोबार में अगर जरूरी हो तो संबंधित अधिकारी से एनओसी लें।

 आपको बता दे कि योजना के तहत सरकार द्वारा ऋण लेने की प्रक्रिया के लिए प्रदेश को 05 श्रेणियों में बांटा गया है

जिनमें श्रेणियां क्रमश: ए, बी, बी+, सी और डी तय की गई हैं

श्रेणी ए में  पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले के संपूर्ण क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के लिए 35 प्रतिशत अधिकतम 17,500 रुपए एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पूर्व सैनिक, महिला, दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 40 प्रतिशत अधिकतम 20 हजार रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा

 श्रेणी बी एवं बी-प्लस में अल्मोड़ा का संपूर्ण भू-भाग, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल के केवल पर्वतीय बहुल विकासखंड, नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय बहुल क्षेत्र, पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा के कोटद्वार, सिगड्डी और इनसे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र और टिहरी के फकोट विकासखंड के ढालवाला, मुनिकीरेती, तपोवन और उससे जुड़े मैदानी क्षेत्र, नैनीताल के कोटाबाग विकासखंड का संपूर्ण क्षेत्र, देहरादून के कालसी विकासखंड के मैदानी क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 30 प्रतिशत व अधिकतम 15 हजार रुपये, एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, दिव्यांग, पूर्व सैनिक आदि को 35 प्रतिशत व अधिकतम 17500 रुपये

श्रेणी सी व डी में देहरादून के रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला विकासखंड के समुद्रतल से 650 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, नैनीताल के रामनगर व हल्द्वानी विकासखंड के तहत आने वाले क्षेत्र। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर का संपूर्ण क्षेत्र और देहरादून व नैनीताल के बाकी मैदानी क्षेत्र (बी प्लस व सी को छोड़कर) में सामान्य श्रेेेणी के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत व अधिकतम 12500 रुपये, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, महिला, पूर्व सैनिक, ओबीसी आदि के लिए 30 प्रतिशत व अधिकतम 15 हजार रुपये तक।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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