Sunday, March 3, 2024
अंतरराष्ट्रीय

ट्विटर ने बीबीसी पर लगाया ‘गवर्मेंट फंडेड मीडिया’ का लेबल, सभी अकाउंट्स को दिया गोल्डन टिक, भड़की ब्रिटिश कंपनी

ट्विटर ने ब्रिटिश मीडिया कंपनी बीबीसी पर गवर्मेंट फंडेड मीडिया का ठप्पा लगा दिया है, जिस पर मीडिया कंपनी ने आपत्ति जताई है।

बीते कुछ समय पहले ब्रिटिश मीडिया कंपनी  ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर चर्चा में थी। कंपनी का अब ट्विटर से पंगा हो गया है। दरअसल, माइक्रोब्लॉगिंग कंपनी ट्विटर ने बीबीसी के वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट पर ‘गवर्मेंट फंडेड मीडिया’ का लेबल लगा दिया है, जिससे कंपनी के मालिक नाराज़ हो गए हैं। बीबीसी ने इस मामले में ट्विटर प्रबंधन के समक्ष नाराजगी जताई है और कहा कि ट्विटर को हम पर से यह लेबल फौरन हटा देना चाहिए।

बीबीसी-ट्विटर कॉन्ट्रोवर्सी

ट्विटर की नई पॉलिसी के अंतर्गत ट्विटर हैंडल्स पर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों की पहचान करके ग्रे, ब्लू और गोल्डन जैसे खास तरह के लेबल लगाए जा रहे हैं। बीबीसी के ट्विटर पर कई अकाउंट्स हैं। ट्विटर ने बीबीसी को गवर्मेंट फंडेड यानी कि सरकारी वित्त पोषित संस्था के अंतर्गत चिन्हित करते हुए सभी अकांउट्स को  गोल्डन टिक दिया है। जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरु हो गया  है ।

बीबीसी ने इस संबंध में नाराजगी जताई है। मीडिया कंपनी ने कहा कि ट्विटर को ऐसा नहीं करना चाहिए। ट्विटर को तत्काल हमारे अकाउंट्स से गवर्मेंट फंडेड मीडिया का लेबल हटा देना चाहिए क्योंकि हम एक स्वतंत्र समाचार संस्था हैं। बीबीसी ने बयान जारी कर कहा, “हम इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए ट्विटर के अधिकारियों से बात कर रहे हैं। बीबीसी स्वतंत्र है और ऐसा हमेशा से रहा है। हम ब्रिटिश जनता द्वारा लाइसेंस फीस के माध्यम से वित्त पोषित हैं।”

बीबीसी के अलावा अमेरिका के नेशनल पब्लिक रेडियो, रुस के आरटी और चीन के सिन्हुआ न्यूज को भी ट्विटर द्वारा सरकार से संबंध रखने वाली कंपनियां बताया गया है।

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