Wednesday, May 22, 2024
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दून का शहीद स्थल उजाड़ा तो पहाड़ के भूत-प्रेत नेताओं को छोड़ेंगे नही – भावना पांडे

पहाड़ का दर्द जानने के लिए 2022 तक पहाड़ में बसे त्रिवेंद्र सरकार – आंदोलनकारी  भावना पांडे
संगठन मुफ्त मुहैया कराएगा बीमार होने पर मेडिकल सुविधा –  भावना पांडे

आरामतलब नेता-अफसर समझें पहाड़ की जिंदगी है कैसी ?

दून का शहीद स्थल उजाड़ा तो बर्दाश्त नहीं करेंगी जनता –  भावना पांडे 
राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने राज्य स्थापना के मौके पर सरकार को सख्त लहजे में सुझाव दिया है। आंदोलनकारी महिलाओं के संगठन ने त्रिवेंद्र सरकार से कहा है कि अगले चुनाव तक पूरी कैबिनेट और विधायक पहाड़ के गैरसैण में बसें और 2022 तक पहाड़ में ज़िंदगी ग़िज़ारें और महसूस करें कि उत्तराखंडी लोगों की ज़िंदगी कितनी मुश्किल आज भी है। महिलाओं और युवाओं ने शहीद स्थल पर एक  सुर में कहा कि यह राज्य आंदोलनकारियों ने बहुत संघर्ष, त्याग और बलिदानों के बाद हासिल किया है।
ऐसे में आज राज्य आंदोलनकारियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और महिलाओं को एकजुट होकर एकसाथ मिलकर काम करना होगा। भावना पांडे ने  कहा कि जिस सपने को लेकर हमने अलग राज्य की परिकल्पना की थी उसको साकार करने के लिए हमें एक बार फिर निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने नेताओं और अफसरों को कहा कि लचर नीतियों और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण प्रदेश का विकास नहीं हो पाया है।

सोशल एक्टिविस्ट और राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि गैरसैंण में राज्य स्थापना दिवस मनाने के लिए पहुंचे हुए नेताओं और अफसरों को 2022 तक वहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार गैरसैंण में समय बिताने के बाद ही नेताओं और अफसरों को पहाड़ की पीड़ा और समस्याओं का पता लगेगा। उन्होंने कहा कि जब नेता गैरसैंण में दो दिन नहीं बिता सकते हैं तो वो कैसे वहां रहने वाली जनता की समस्याओं से रूबरू हो सकते हैं। 
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की इस टिप्पणी पर नाराजगी जतायी कि वो कहती हैं कि सीएम के पास हेलीकाॅप्टर है और हम वहां कैसे जाएंगे? भावना के मुताबिक जनता ने इंदिरा को इतनी बार विधानसभा भेजा, इंदिरा ने सत्ता की मलाई खायी और अब नेता प्रतिपक्ष का लाभ भी उठा रही हैं और गैरसैंण जाने के लिए यह सवाल कर रही हैं कि वहां जाएंगी कैसे? क्या उनके पास कार, रिक्शा या साइकिल भी नहीं है। उन्हें जनता के बारे में सोचना चाहिए कि जब वो साल में एक दिन गैरसैंण नहीं जा सकते हैं वो वहां से लोग अपनी समस्याओं को लेकर देहरादून कैसे आते होंगे?

राज्य आंदोलनकारी  पांडे ने कहा कि देहरादून के कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि शहीद स्मारक को तोड़ने का प्रयास किया तो नेताओं के घर भी टूटने चाहिए। उनके अनुसार यदि शहीद स्थल टूटा तो पहाड़ के भूत-प्रेत भी नेताओं को छोड़ेंगे नहीं। आंदोलनकारी भावना पांडे ने राज्य की जनता से ये भी अपील की है कि अब वे भाजपा-कांग्रेस के बहकावे में न आएं। और एक नयी निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हो जाएं 

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