Sunday, March 3, 2024
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केदारनाथ के बाद अब पीएम मोदी संवारेंगे बद्रीनाथ धाम की तस्वीर 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिग के ज़रिये श्री बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर राज्य सरकार का प्रेजेंटेशन देखा। राज्य की तरफ से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी पीएम मोदी को दी । इस मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को निर्देश दिये कि श्री बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वहां का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व बना रहे। स्मार्ट, स्पिरीचुअल सिटी के रूप में बद्रीनाथ धाम को विकसित किया जाए। ख़ास बात ये भी है कि होम स्टे को भी विकसित करने पर ज़ोर दिया गया हैं। बैठक के दौरान इस मुद्दे पर भी चर्चा हुयी कि आस पास के दूसरे तीर्थ स्थलों को भी इससे जोङा जाए। बदरीनाथ धाम के प्रवेश स्थल पर विशेष लाइटिंग की व्यवस्था हो जो आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप हो। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पीएम मोदी  ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पीएम को बताया कि बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के विकास कार्यों में स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है। निकटवर्ती गांवों में होम स्टे पर काम किया जा रहा है। सरस्वती व अलकनंदा के संगम स्थल केशवप्रयाग को भी विकसित किया जा सकता है। बदरीनाथ धाम में व्यास व गणेश गुफा का विशेष महत्व है। इनके पौराणिक महत्व की जानकारी भी श्रद्धालुओं को मिलनी चाहिए। बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम करने में भूमि की समस्या नहीं होगी।

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम राजमार्ग परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी।

बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि इसमें 85 हैक्टेयर क्षेत्र लिया गया है। देवदर्शिनी स्थल विकसित किया जाएगा। एक संग्रहालय व आर्ट गैलेरी भी बनाई जाएगी। दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से दशावतार के बारे में जानकारी दी जाएगी। बदरीनाथ मास्टर प्लान को 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मास्टर प्लान को पर्वतीय परिवेश के अनुकूल बनाया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी के समाधि स्थल का काम तेजी से चल रहा है। सरस्वती घाट पर आस्था पथ का काम पूरा हो गया है। दो ध्यान गुफाओं का काम इस माह के अंत तक पूर्ण हो जाएगा। ब्रह्म कमल की नर्सरी के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है।

गरूङचट्टी में ब्रिज का पुनर्निर्माण कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव  ओमप्रकाश, सचिव  दिलीप जावलकर भी पीएम की इस बैठक में शामिल थे।

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