Saturday, May 18, 2024
उत्तर प्रदेशदिल्लीपंजाब

विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का एक साल हुआ पूरा , गाजीपुर बॉर्डर पर किया महापंचयत

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी तादाद में किसान शुक्रवार को दिल्ली पहुँचे, सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद अब वे फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए महापंचायत कर रहे हैं और नवंबर 29 को संसद मार्च निकलने की योजना है। दिल्ली की तमाम सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों की संख्या बढ़ गई है गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि, जब तक संसद का सत्र चलेगा तब तक सरकार के पास सोचने और समझने का समय है। आगे आंदोलन कैसे चलाना है उसका फैसला हम संसद चलने पर लेंगे। आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी उसका फैसला भी 27 नवंबर को हाने वाली संयुक्त किसान मौर्चा की बैठक में होगा।किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर किसानों की महापंचायत शुरू हो गई है। इसका आगाज राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव व अन्य किसान नेता मौजूद हैं।

आपको बता दें कि किसान आंदोलन के शुक्रवार को एक वर्ष पूरा होने पर व किसान के 29 नवंबर को संसद कूच के ऐलान को देखते हुए दिल्ली के तीनों बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसर एक्शन मोड में आ गए हैं और बैठकों का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस संसद कूच के ऐलान को देखते हुए टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर फिर से लोहे की कीलें व बैरीकेड लगाकर सड़कों को बंद सकती है। सड़कों को बंद करने की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। तीनों ही बॉर्डरों पर शुक्रवार से सुरक्षा सख्त हो जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *