Thursday, April 25, 2024
राष्ट्रीयस्पेशल

परमेश्वर की बेटी निसाबा के ज़िम्मे आयी 65 हज़ार करोड़ मशहूर कम्पनी गोदरेज  

भारत में महिलाओं को भगवान् का दर्ज़ा दिया जाता है …. महिलाओं को बेहतर प्लानर , टीम लीडर और अनुशासित माना जाता है। यही वजह है की आज देश की बेहद कामयाब कम्पनी की पैंसठ हज़ार करोड़ का कारोबार अब एक 40 साल की युवा बेटी को सौप दिया गया है जी हाँ हम बात कर रहे हैं निसाबा की जो अब गोदरेज ग्रुप की नई एम डी और सीईओ बन गई हैं।

फिलहाल वे गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। निसाबा गोदरेज ग्रुप के चैयरमेन आदि गोदरेज की दूसरे नंबर की बेटी हैं। अपनी काबिलियत से आज इस कामयाब महिला उद्यमी ने  अपनी पहचान इंटेरंनेशनल ट्रेड वर्ल्ड में एक बेहतरीन नियंत्रक और प्लानर की बनायीं है। आपको यहाँ बता दें कि निसाबा ‘टीच फॉर इंडिया’ फाउंडेशन की चेयरपर्सन होने के साथ-साथ गोदरेज एग्रोवेट और वीआईपी इंडस्ट्रीज के बोर्ड में भी शामिल हैं। वे वर्तमान में GCPL की कार्यकारी चेयरपर्सन हैं।

एक कामयाब इंडस्ट्रियलिस्ट बनने के लिए निशाबा हमेशा से ही जागरूक रही हैं और इसीलिए उन्होंने दुनिया के मश्हूर संस्थानों में एजुकेशन हासिल की जिसमें हार्वर्ड बिजनेस स्कूल,  अमेरिका की पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी  द व्हार्टन स्कूल, ब्रिटेन के स्टो स्कूल और भारत में कैथेड्रल स्कूल से पढ़ाई की । इसके बाद ही निसाबा को 2017 में GCPL में एग्जिक्युटिव चेयरपर्सन नियुक्त किया गया …  निसाबा आदि गोदरेज और परमेश्वर गोदरेज की तीन संतानों में दूसरे नंबर पर हैं….  निसाबा ने करीब 17 साल तक गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्टस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद संभाला और उनके नेतृत्व में कंपनी ने इंटरनेशनल मार्किट में बेहतरीन कामयाबी हासिल की।

उनकी इसी खूबी से प्रेरित होकर आदि गोदरेज ने उन्हें एक्जीक्यूटिव चैयरमेन बना दिया। उनकी पहचान एक कर्मठ बिजनेसवुमेन के रूप में हाेती है। निसाबा के पति जाने माने रियल स्टेट फील्ड में कामयाब बिजनेसमैन कल्पेश मेहता है और इनके एक बेटा है जिसके बारे में कम्पनी से जुड़ा एक वाक्या काफी मशहूर है दरअसल  निसाबा अपनी डिलिवरी के बाद तब सुर्खियों में आई थी जब वो मां बनने के एक महीने बाद ही नन्हें से बच्चे को लेकर ऑफिस पहुंच गई। उन्होंने बच्चे को क्रैच में रखा और बोर्ड की मीटिंग अटैंड की…. काम और कंपनी के लिए उनका ये जूनून ही है की अपनी प्रोफेशनल लाइफ की शुरुआत में निसाबा कुछ साल के लिए अपने ही पिता की गोदरेज ग्रुप में ट्रेनी के तौर पर काम किया और बिजनेस की बारिकीयां सीखी और खुद को आज इस बड़े पद के लिए तैयार किया। आज निसाबा अपने पिता आदि गोदरेज के इस बेहद कामयाब एम्पायर को सम्हालने जा रही है जो हिंदुस्तान की तमाम महिला उद्यमियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *