Saturday, April 13, 2024
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2022 : जानिए 25 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है मतदाता दिवस

भारत में हर साल 25 दिसंबर को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन साल 1950 में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। 25 जनवरी 2011 में तात्कालिक राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था। विश्व में भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में मतदान और मतदाताओं के प्रति जांगरूकता लाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। निर्वाचन आयोग का राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने के पीछे विशेष उदेश्य रखा था ताकि नए मतदाताओं के लिए नामांकन को प्रोत्साहित किया जाए, सुविधा प्रदान की जाए और अधिकतम नामांकन करना इसके साथ ही हर नागरिक को अपने वोट के अधिकार के प्रति जागरुक करना है। कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए इसलिए ही स्थापना दिवस मनाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि जिस भी व्यक्ति की उम्र एक जनवरी से 18 साल के ऊपर हो चुकी होंगी केवल उन ही व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाते हैं, इसके साथ ही वह सभी व्यक्ति मतदान देने के योग्य भी हो जातें हैं।

देश में 18 साल की उम्र के हो चुके युवाओं को पहली बार मतदान करने का मौका मिले, इसके लिए निर्वाचन आयोग मतदाता दिवस के दिन उनकी पहचान कर ऐसे युवाओं को पहचान पत्र सौंप कर वोट देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में नए मतदाताओं को सम्मानित किया जाता है और उनका मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) सौंपा जाता है। इस साल 12वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का विषय ‘चुनावों को समावेशी, सुगम और सहभागी बनाना’ है। पिछले वर्ष की थीम थी ‘हमारे मतदाताओं को सशक्त, सतर्क, सुरक्षित और जागरूक बनाना’। भारत निर्वाचन आयोग इस साल पूरे देश में 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा। बता दें कि चुनाव के समय सबसे बड़ी और अहम भूमिक मतदाता निभातें हैं। आने वाले समय में देश को कौन सी सरकार या मंत्री किस दिशा में ले जा सकता है उसका चयन करने का फैसला भी मतदाताओं को होता हैं।

 

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