Wednesday, July 17, 2024
उत्तराखंड

खालिस्तान समर्थक पन्नू की सीएम धामी को धमकी, रामनगर को बताया खालिस्तान का हिस्सा, जी20 समिट पर भी निशाना

उत्तराखंड के रामनगर में 28 से 30 मार्च तक जी-20 समिट (G20 Summit 2023) होना है। वहीं, खालिस्तान समर्थकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को फोन करके धमकी भी दी गई है। फोन कॉल्स में उत्तराखंड में उनके संगठन से जुड़े लोगों पर केस दर्ज न किए जाने की धमकी दी गई है। पन्नू की रिकॉर्डेड कॉल में कहा जा रहा है कि रामनगर भारत का नहीं, बल्कि खालिस्तान का हिस्सा है। साथ ही समिट के दौरान रामनगर में खालिस्तान के समर्थन में झंडे लगाने की बात भी कही जा रही है। उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार ने एसटीएफ को जांच के लिए लगा दिया गया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू की रिकॉर्डेड आवाज में लोगों को कॉल आ रही है, जिसमें रामनगर में जी-20 समिट को लेकर धमकी दी जा रही है। रविवार को कई लोगों के पास इस तरह की धमकी भरी कॉल्स आई है। पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का मुखिया है।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार देर रात उत्तराखंड में कई लोगों के फोन पर संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू का फोन आया, जिसमें कहा गया कि रामनगर भारत का हिस्सा नहीं है और पंजाब को आजादी दिलाने के बाद रामनगर खालिस्तान का भाग बना लिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि प्रतीत होता है कि पन्नू जी-20 बैठक के दौरान मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के धमकी भरे फोन सैकड़ों नंबरों पर किए गए, जिनमें कुछ पत्रकार भी शामिल हैं। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) (एसटीएफ) सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस. ने बताया कि जिन नंबरों से ऐसे रिकॉर्ड किए गए फोन आ रहे हैं, उनका पता लगाया जा रहा है। आईजी ने कहा कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) मामले में जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पन्नू रामनगर में होने वाली जी-20 बैठक के जरिए लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है और इन अलगाववादियों का मकसद हम पूरा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जी-20 को लेकर बैठक में सुरक्षा का पूरा इंतजाम है। हमारे वरिष्ठ अधिकारी वहां नजर रखे हुए हैं। रामनगर में जी-20 देशों के मुख्य विज्ञान सलाहकारों की मंगलवार से तीन दिवसीय गोलमेज बैठक हो रही है।

उधर, खालिस्तान समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के फरार प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके साथियों की तलाश को लेकर ऊधमसिंहनगर जिले में भी पुलिस अलर्ट पर है। जिले में सिखों की अच्छी खासी आबादी है। पंजाब पुलिस और ख़ुफ़िया एजेंसियों से मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस विशेषकर ऊधमसिंहनगर जिले की नेपाल से लगी सीमा और उत्तर-प्रदेश से रामपुर, पीलीभीत और बरेली जिले की सीमाओं पर सघन जांच कर रही है।

अमृतपाल की तलाश में पुलिस सत्यापन अभियान भी चला रही है। इसके अलावा, अमृतपाल और उसके साथियों के पोस्टर भी जारी कर जगह-जगह चस्पा कर दिए गए हैं। पंजाब पुलिस को आशंका है कि अमृतपाल यहां शरण लेकर नेपाल या किसी दूसरे देश में भाग सकता है और इसी के मद्देनजर उसने उत्तराखंड पुलिस को अलर्ट किया है। इस बीच, पिथौरागढ़ में भी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर भी अमृतपाल और उसके सहयोगियों की गतिविधियों को लेकर कड़ी निगाह रखी जा रही है।

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