Wednesday, February 28, 2024
अंतरराष्ट्रीयअल्मोड़ाउत्तर प्रदेशउत्तरकाशीउत्तराखंडकोविड 19दिल्लीपंजाबबिहारराज्यराष्ट्रीयरुद्रप्रयागवायरल न्यूज़

CORONA के दौर में खाना खाने का सही तरीका जानिये – वर्ना लगेगा झटका 

खाने के लिए ज़िंदा हैं आप  – या ज़िंदा रहने के लिए खाते हैं  …… लेकिन जब भी खाना खाइये तो कुछ ऐसा मत करिये जिससे आपकी सेहत आपकी किस्मत और आपकी ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ जाए और आप समझ ही न सकें क्या हुआ है। कंप्यूटर ,  मोबाइल  टीवी और अखबार पढ़ते समय अगर आप खाने की थाली लेकर बैठे हैं तो सावधान ….. आज  आधुन‍िक जीवनशैली में हमनें खाने की तरीके में भी बहुत बदलाव कि‍या है। पहले लोग जमीन पर सुखासन में बैठकर खाना खाया करते थे। खाना खाते वक्‍त क‍िसी से बात नहीं करते थे। ज्‍योत‍िष की दृष्‍ट‍ि से खाना खाने की आदतों का हमारे ग्रहों पर असर पड़ता है।

 

कोरोना काल में लोग घरों में ज्यादा समय गुज़ार रहे हैं सुबह से तार तक टीवी कम्यूटर और मोबाइल के साथ ही ज्यादातर समय बीत रहा है ऐसे में सेहत पर बुरा असर पड़ना भी लाज़मी है … चिकित्सक भी मानते हैं कि इस संकट के दौर में स्वास्थ्य और पाचन तंत्र का दुरुस्त होना बेहद ज़रूरी है। लोग बिस्तर सोफे और कुर्सियों में आड़े तिरछे तरीके से खाना खाने लगे हैं ऐसे में बहुत ज़रूरी है की आप ये जाने की आपको किस तरह की सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जय भारत टीवी आपको बता रहा है रोजमर्रा में खाने की आदतें और उनका असर –

खाना कभी भी अपने बेड पर बैठकर ना खाएं। इससे अन्‍न का अपमान होता है और राहु अप्रसन्‍न होते हैं।
खाना खाते समय टीवी देखना, क‍िताब पढ़ने से हमारी श्‍वास नली में भोजन के कण फंसने का डर रहता है।


खाना खाने से पहले हाथ और पैर अवश्‍य धोएं। इससे हान‍िकारक बैक्‍टिर‍िया भोजन के जरि‍ए हमारे पेट में नहीं पहुंच पाते। 

भोजन जल्‍दी-जल्‍दी ना चबााएं। भोजन के तुरंत बाद पानी ना प‍िएं। खाना खाने के 40 म‍िनट बाद पानी पी सकते हैं। 

भोजन हमेशा बैठकर ही करें।  भोजन करने के बाद कुछ लोग थाली में ही अपने हाथ धो देते हैं। इससे अन्‍नपूर्णा का अपमान होता है। चंद्र और शुक्र अप्रसन्‍न हो जाते हैं। ऐसे घर से बरकत चली जाती है। 

थाली में जूठन छोड़ना अन्‍न का अपमान होता है। इससे मां अन्‍नपूर्णा का शाप लगता है।

  

भोजन करते समय हमारा मुंह पूर्व या उत्‍तर में होना चाह‍िए।
-भोजन करने से पहले या भोजन करने के बाद लघु शंका करनी चाह‍िए।
 ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और बुजुर्गों की बताई मान्यताओं पर आधारित हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *