Sunday, March 3, 2024
राष्ट्रीय

सीबीएसई मूल्यांकन का मानदंड तय; अब 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंकों पर निर्भर करेगा नतीजा

-आकांक्षा थापा

सीबीएसई द्वारा गठित 12 सदस्यीय समिति ने 12वीं परीक्षा के परिणाम जारी करने के लिए मूल्यांकन का मानदंड तय कर लिया है.. आज यानि गुरुवार को सीबीएसई ने बारहवीं के नतीजे के लिए तैयार किया गया मूल्यांकन फॉर्मूला सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया…. बोर्ड ने कोर्ट को बताया की इस साल 12वीं के परिणाम के लिए 30:30:40 का फार्मूला तैयार किया गया है… इस फार्मूले के मुताबिक, बारहवीं कक्षा का रिजल्ट बनाने में 10वीं और 11वीं के नतीजों को 30-30 प्रतिशत वेटेज मिलेगी और 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम को 40 प्रतिशत वेटेज दी जाएगी। बारहवीं के रिजल्ट के लिए 10वीं, 11वीं कक्षा की फाइन परीक्षाओं के अंक और 12वीं के प्री बोर्ड के अंकों को आधार बनाया जाएगा। 40 फीसदी वेटेजे बारहवीं कक्षा के यूनिट टेस्ट/मिड-टर्म परीक्षा/प्री-बोर्ड एग्जाम में प्राप्त अंकों का होगा। जबकि, 30 फीसदी वेटेज ग्यारहवीं कक्षा के  फाइनल एग्जाम में प्राप्त अंकों का होगा। वहीं, दसवीं कक्षा के पांच विषयों में बेस्ट ऑफ़ थ्री लिया जायेगा, यानि 3 ऐसे विषयों को माना जायेगा जिसमे शात्र के सबसे अचे अंक आये हों, फिर प्राप्त अंकों का 30 फीसदी वेटेज मिलेगा।

इस फार्मूले से शात्र खुद बना सकते हैं अपना रिज़ल्ट – 

आपको बता दें, सीबीएसई की तरफ से जारी वेटेज फॉर्मूले(30:30:40) के आधार पर छात्र खुद ही अपना रिजल्ट तैयार कर सकते हैं। इसके लिए उनको दसवीं के तीन विषयों में सर्वश्रेष्ठ अंक देखने होंगे जिनका वेटेज 30 फीसदी होगा। वहीं, ग्यारहवीं के फाइनल परीक्षा में अपने अंकों का देखना होगा जिसका वेटेज भी 30 फीसदी होगा। इस तरह 12वीं के प्री बोर्ड एवं यूनिट टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ अंकों का देखना होगा, जिसका वेटेज 40 फीसदी होगा। इस गणना के जरिए विद्यार्थी खुद ही अपने अंकों का आंकलन कर सकते हैं। हालांकि, सीबीएसई 12वीं के नतीजे 31 जुलाई तक घोषित कर दिए जायेंगे।

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