Saturday, June 15, 2024
अंतरराष्ट्रीयकोविड 19

अमेरिका और भारत मिलकर करने जा रहे आयुर्वेद पर रिसर्च , कोरोना वैक्सीन पर बड़ी पहल  

कोरोना वैक्सीन के लिए रोजाना अलग अलग देशों से नए नए दावे सामने आ रहे हैं। कभी कोई डेट सामने आती है कभी कोई नयी रिसर्च नए दावे के साथ कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए सामने आ रही है। अब इसी कड़ी में आयुर्वेद को लेकर अमेरिका और भारत आगे बढ़ने जा रहा है। 

भारत समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक दिन रात कोरोना वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। इस बीच आयुर्वेद के जरिए कोरोना का इलाज ढूंढने के लिए भारत और अमेरिका के आयुर्वेदिक चिकित्सक और शोधकर्ता एक साथ मिलकर क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने जा रहे हैं।

ये बात सामने आयी है भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और डॉक्टरों के एक समूह के साथ वर्चुअल इंटरेक्शन से ….. इसी के बाद अमेरिकी राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने बताया है कि आज विशेष परिस्थिति में दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक समुदायों को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक साथ खड़ा कर दिया है। संधू ने कहा कि हमारे संस्थान संयुक्त अनुसंधान, शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए भी सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों के आयुर्वेदिक चिकित्सक और शोधकर्ता कोरोना वायरस का आयुर्वेदिक इलाज खोजने के लिए क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की योजना बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक इस मोर्चे पर ज्ञान और अनुसंधान संसाधनों का आदान-प्रदान भी कर रहे हैं। इंडो यूएस साइंस टेक्नोलॉजी फोरम IUSSTF  हमेशा सहयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने में सहायक रहा है।

कोरोना वायरस से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए फोरम ने संयुक्त अनुसंधान और स्टार्ट-अप का आह्वाहन किया था। दोनों पक्षों के विशेषज्ञों द्वारा फास्ट ट्रैक मोड पर बड़ी संख्या में प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है।संधू ने कहा कि भारतीय दवा कंपनियां सस्ती लागत वाली दवाओं और टीकों के उत्पादन में ग्लोबल लीडर हैं और इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राजदूत के अनुसार, अमेरिका स्थित संस्थानों के साथ भारतीय वैक्सीन कंपनियों के बीच कम से कम तीन सहयोग चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सहयोग न केवल भारत और अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि उन अरबों लोगों के लिए भी होगा, जिन्हें दुनिया भर में कोरोना वायरस के वैक्सीन का इंतजार है। आपको बता दें कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से सहयोग रहा है, वैज्ञानिक बुनियादी और क्लिनिकल ​​स्तर पर महत्वपूर्ण बीमारियों को समझने के लिए कई कार्यक्रमों में एक साथ काम कर रहे हैं। रोजाना जिस तरह से वैक्सीन से जुड़ी खबरें सामने आ रही है उसके बाद इस तरह के दावों को दुनिया सामान्य प्रतिक्रिया मान रही है इंतज़ार तो तब ख़त्म होगा जब हकीकत में कोरोना की वैक्सीन दुनिया के सामने आयेगी 

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