Monday, April 22, 2024
अंतरराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडकोविड 19दिल्लीपंजाबबिहारराजनीतिराज्यराष्ट्रीयस्पेशल

अलविदा मनहूस 2020 – देश दुनिया में साल की TOP CONTROVERSY

2020 इंसानियत के लिए सबसे खराब सालों में से एक माना जा रहा है। अमेरिका की चर्चित टाइम मैगजीन ने भी यही कहा है। कोरोना महामारी से अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और 15 लाख से ज्‍यादा की जान जा चुकी है।पूरे साल कोरोना से जूझती दुनिया में लगातार उठते रहे विवाद …….अकेले भारत में एक करोड़ लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। 2020 सिर्फ कोरोना के नाम नहीं रहा, इस साल विवाद भी जमकर हुए। भारत में 2020 की शुरुआत संशोधित नागरिकता कानून यानी CAA और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस यानी NRC के विरोध-प्रदर्शन से हुई तो इसका अंत कृषि कानूनों के विरोध पर हो रहा है।

 

उधर, अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की 25 मई को हुई हत्या ने राष्ट्रपति ट्रंप की कुर्सी हिला दी। जबकि, कोरोना फैलाने को लेकर चीन पर अब भी विवाद बना हुआ है। चलिए देखते हैं देश और दुनिया के 10 सबसे बड़े विवाद…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ही सबसे पहले ये  कहा था कि  ये कोरोना नहीं, चीनी वायरस है , इतना ही नही अमेरिका का आरोप था कि दुनिया की अर्थव्यवस्‍थाओं को ध्वस्त करने के लिए चीन ने इसे फैलने दिया।

बीमारी छिपाई, झूठ बोले, भ्रम फैलाए।वही चीन का पलटवार भी सामने आया और चीनी सरकार ने दावा किया कि कोरोना दूसरे देशों से, खासकर अमेरिका से आयात किए गए खाने के जरिए आया था ।चीन ने यह भी कहा कि वायरस प्राकृतिक है। यह लैब में नहीं बना। सौ लाख से ज्यादा मामलो के साथ भारत ही नही दुनिया मे आज कोरोन ख़ौफ़ बना हुआ है।वही एक रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा मिलकर कोरोना फैलाने वाले की जांच कर रहे हैं। यानि कोरोना की आफ़त देश ही नही दुनिया के लिये पहले नम्बर पर है । 

 

अब बात भारत की करे तो दूसरे नम्बर पर जिस प्रदर्शन ने देश की खूब किरकिरी कराई वो है शाहीन बाग का प्रदर्शन जिसमे प्रदर्शन कर रहे आन्दोलनकारी आरोप लगा रहे थे कि सरकार CAA और NRC के जरिए एक विशेष धर्म के लोगों को निशाना बना रही है। 

वही सरकार की तरफ़ से गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि ‘CAA भारतीयों की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, दूसरे देशों में धार्मिक कारणों से उत्पीड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए है। फ़िलहाल ये मुद्दा आज सुप्रीम कोर्ट में है जहा कोरोनावायरस के कारण पुलिस ने शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया था  फ़िलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 144 याचिकाएं दाखिल हुईं है जिसपर सुनवाई जारी है।

तीसरे चर्चित हगामे की बात करे तो वो है  बॉलीवुड के नेपोटिज्म जी हा दोस्तो एक हैरान कर देने वाले सुसाइद से दुनिया हैरान हो गयी और वो थी अभिनेता सुशांत की मौत  ,

 सुशांत के फैन्स का आरोप था कि बॉलीवुड के नेपोटिज्म गैंग ने सुशांत से फिल्में छीनीं और अवॉर्ड नाइट्स में उनकी बेइज्जती की लिहाज वो आत्महत्या के लिए मजबूर हो गये थे । सुशांत के परिवार का आरोप लगाया था कि रिया ने ये साजिश रची और सुशांत को परिवार से दूर किया और चोरी से ड्रग्स देती रहीं ऐसे मे रिया ही सुशांत की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। वही रिया का पक्ष ये रहा कि सुशांत अपने परिवार से परेशान थे और पहले से ड्रग्स लेते थे साथ ही उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर था। सुशांत की मौत की जांच सीबीआई कर रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मौत में ड्रग्स की भूमिका की जांच कर रही है। 

 

चौथा विवाद है चर्चित अभिनेत्री कंगना के दफ़्तर पर बरसे सियासी बुल्डोज़र का दरअसल   अभिनेत्री कंगना ने ये कह कर सनसनी फ़ैला दी थी कि सुशांत मौत मामले में मुंबई पुलिस ने कुछ खास लोगों को बचाया। इसके बाद तो शिवसेना और अभिनेत्री कंगना आमने सामने आ गये और कहा गया कि ऐसा बयान देने की वजह से ही सरकार ने डराने के लिए उनका ऑफिस ढहा दिया।

इसके बाद महाराष्ट्र सरकार की सफाई आई कि कंगना ने अवैध निर्माण कराया था। इसलिए बीएमसी ने अपना काम किया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना का ऑफिस गिराने पर BMC को फटकार लगाई और कार्रवाई को गैरकानूनी बताया। अब खबर है कि कंगना की 2 करोड़ के हर्जाने की मांग पर सर्वेयर मार्च 2021 में हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगा।

 

पाचवा मुद्दा उठा संसद मे जब  भाजपा सांसद रवि किशन ने लोकसभा में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री ड्रग्स की चपेट में है। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने करण जौहर की एक पार्टी में ड्रग्स के इस्तेमाल का दावा किया था। इसके बाद सपा सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा में कहा था कि ड्रग्स के नाम पर बॉलीवुड को बदनाम करने की साजिश हो रही है।

फ़िर तो जैसे कोहराम ही मच गया और नामचीन अभिनेत्रिया  NCB  कि जांच में घिर गयी जिनमे कॉमेडियन भारती सिंह, उनके पति हर्ष , दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और रकुल प्रीत से भी पूछताछ की गई थी। NCB का दावा कि उसके पास कुछ बड़े एक्टर्स के ड्रग्स लेने की जानकारी है। यानि साल २०२० बोलीवुद पर काला साया बन कर छा गया ।  

 

अब बात मरकज के शक और सन्देह से देश मे पैदा हुये नफ़रत के माहौल की करते है  , दिल्ली पुलिस का आरोप था कि मरकज ने सरकार के कोरोना बचाव के लिए जारी निर्देश नहीं माना और जानबूझकर संक्रमण फैलने दिया,और लापरवाही बरती।

ये वाक्या तब का है जब जनता कर्फ्यू के वक्त तबलीगी जमात के दो से ढाई हजार लोग एक ही जगह इकट्ठा थे। इस बेहद गम्भीर मामले पर खूब आरोप लगाये गये और जमकर सियासत भी हुयी फ़िर सामने आया जमात का जवाब जिसमे कहा गया था कि जनता कर्फ्यू के ऐलान से पहले लोग जमा हो चुके थे। रेलवे सेवा रुकने और पुलिस-प्रशासन से लोगों को घर भेजने में सहयोग नहीं मिला। अब ये मुद्दा अदालत में केस के तौर पर चल रहा है वही कोर्ट ने मरकज में शामिल 36 विदेशी आरोपियों को जमानत भी  दे दी है। 

 

विवादॊ से भरे साल दो ह्जार बीस मे अब बात बाबा रामदेव की जी हा विवाद से इस साल पतञ्जलि भी घिरा जब आयुष मंत्रालय ने ये आरोप लगाया कि रामदेव की  कोरॊनिल दवा लॉन्चिंग के बारे मे आयुष मंत्रालय ने कहा कि ऐसी किसी दवा के बारे मे उन्हे नहीं पता लिहाजा इसकी बिक्री न की जाए।

इस बयान के बाद पतंजलि ने भी सफाई देते हुयॆ चेयरमैन बाल कृष्‍ण ने कहा,था कि कम्यूनिकेशन गैप हुआ है और दवा इलाज नहीं रोकथाम के लिए बनाई गयी है। इसके बाद ही कोरोनिल का नाम बदलकर दिव्य श्वासारि कोरोनिल किट रखा गया था ।इसके बाद तो बाबा की दवा की जबरदस्त बिक्री हुई और केवल चार महीने में पतंजलि ने 250 करोड़ रुपये की 25 लाख दिव्य श्वासारि कोरोनिल किट बेच दी

 

किसान अन्दोलन साल दो हजार बीस के आखिर मे मोदी सरकार के लिये लोहे के चने चबाने जैसा मुद्दा सबित हो रहा है । पजाब , हरियाना ही नही देश के ज्यादातर राज्यों के किसान आज दिल्ली घेर कर मोदी सरकार के सामने अपनी माग पर एकजुट है ।आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि तीन नए कृषि कानून से MSP खत्म होगी, जमाखोरी बढ़ेगी।

मंडियां खत्म होंगी और बिजनेसमैन किसानों पर हावी हो जाएंगे।‘ जवाब मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि MSP बरकरार रहेगी। निजी मंडियों पर राज्य सरकारें टैक्स लगा सकेंगी। आप्को बता दे कि हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के सिंघु समेत कई बॉर्डर प्वाइंट पर डटे हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच बातचीत से हल नहीं निकल पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने को कहा है। साथ ही इन कानूनों को होल्ड करने पर राय मांगी है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *