Wednesday, July 17, 2024
उत्तराखंड

इसरो की नई रिपोर्ट में खुलासा, रूद्रप्रयाग और टिहरी में भूस्खलन का खतरा

जोशीमठ आपदा के जख्म अभी भरे भी नहीं हैं कि एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ गई है। खबर है उत्तराखंड में भूस्खलन के खतरे से जुड़ी हुई। इसरो ने भूस्खलन एटलस जारी किया है। इस डेटाबेस में हिमालय और पश्चिमी घाट में भारत के 17 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। जो बताता है कि भूस्खलन के लिहाज से भारत के कौन-कौन से इलाके बेहद संवेदनशील हैं। इसरो द्वारा भूस्खलन पर किए गए अध्ययन के मुताबिक उत्तराखंड के 2 जिले देश के 147 संवेदनशील जिलों में टॉप पर हैं। जी हां इस सर्वे के मुताबिक रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल सिर्फ उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में भूस्खलन के लिये सबसे संवेदनशील हैं। और ये दोनों जिले सूची में नंबर वन पर हैं।
आपको बता दें कि रुद्रप्रयाग जिला केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का प्रवेश द्वारा है। इसरो की रिपोर्ट बताती है कि इस जिले में भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा है। रुद्रप्रयाग जिले में जहां भारत में सबसे अधिक भूस्खलन का खतरा है वहीं कुल आबादी, कामकाजी आबादी, साक्षरता और घरों की संख्या भी सबसे अधिक है। उसके बाद टिहरी जिले में सबसे ज्यादा भूस्खलन का खतरा है। इसी जिले में भारत का सबसे उंचा और विशालकाय बांध टिहरी बांध मौजूद है। जो भविष्य की चिंता को और बढ़ा देता है।
देश के जो 10 जिले भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित हैं, उनमें से 2 जिले सिक्किम के भी हैं- दक्षिण और उत्तरी सिक्किम। साथ ही 2 जिले जम्मू-कश्मीर और 4 जिले केरल के हैं। सर्वे के दौरान 147 अति संवेदनशील जिलों का अध्ययन किया गया था।

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