ट्रक और बस ड्राइवरों की हड़ताल खत्म, महज 2 दिन के भीतर बैकफुट पर आई सरकार
हिट एंड रन कानून के विरोध में वाहन चालकों की देशव्यापी हड़ताल का ऐसा असर हुआ कि महज 2 दिन के भीतर केन्द्र सरकार को झुकना पड़ गया। हड़ताल के तीसरे दिन की जरूरत ही नहीं पड़ी। हड़ताल के दूसरे दिन ही केन्द्र सरकार को बैकफुट आना पड़ा और वाहन चालकों की मांगें माननी पड़ी। जिसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि अब हिट एंड रन कानून के नये प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद देशभर में हड़ताल पर चल रहे ट्रक और बस ड्राइवरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली।
आपको बता दें कि नए कानून के तहत अगर लापरवाही या तेज स्पीड से गाड़ी चलाने के कारण दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है और आरोपी ड्राइवर पुलिस को सूचित किए बिना ही मौके से फरार हो जाता है, यानी हिट एंड रन। तो उसे 10 साल की जेल या 7 लाख रुपये का जुर्माना देने का प्रावधान किया गया था। इससे गुस्साये ड्राइवरों ने 1 जनवरी से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी।
देशभर में ट्रक और बस ड्राइवरों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। दिल्ली, यूपी, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत तमाम राज्यों में ट्रक और बसों के पहिए थम गए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह से चरमरा गया। पेट्रोल और डीजल पंप सूखने लगे। अगर ये हड़ताल आज भी जारी रहती तो देश में बड़ा संकट आने जा रहा था, ऐसे में केन्द्र सरकार ने वाहन चालकों के आगे झुकने में भी भलाई समझी।
