Sunday, July 14, 2024
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रक्षा बंधन के जोश पर कोरोना का खौफ – बाज़ार से रौनक गायब 

बीते कई महीनों से देश दुनिया एक महामारी कोरोना से जंग लड़ रही है ऐसे में भारत के तीज त्यौहार से रंग जोश और उत्साह नदारत है। भाई बहन के रिश्तों का पवित्र पर्व राखी भी कोरोना की वजह से बेनूर हो गयी है। बाज़ार से भीड़ गायब है खरीददार और दुकानदार मायूस हैं और लोग कोरोना वायरस के खौफ में जी रहे हैं। ऐसे महल में इस बार रक्षाबंधन श्रावण मास शुक्लपक्ष पूर्णिमा के दिन तीन अगस्त को होगा लेकिन ज्यादातर भाई बहन कोरोना महामारी के खौफ से रक्षाबंधन में कहीं आने-जाने से बच रहे हैं।

रक्षाबंधन का मुहूर्त सुबह 9:28 बजे शुरू होगा। उत्तराखंड विद्वत सभा के सदस्यों का कहना है कि 3 अगस्त को रक्षाबंधन और मैदानी क्षेत्रों के सावन का आखिरी दिन है। इसलिए इस दिन का खास महत्व है। रक्षाबंधन के दिन सुबह 9:28 बजे भद्रा रहेगी।


इसके बाद ही रक्षाबंधन मनाना शुभ होगा। कहा कि इस दिन ब्राह्मण समाज के लिए भी उपाकर्म के रूप में महत्वपूर्ण दिवस होता है। ब्राह्मण समाज के लोग पूजा पाठ कर जनेऊ को बदलते हैं। मान्यता है कि इस कर्म से पित्रों को भी मोक्ष मिलता है।कोरोना के डर से रक्षाबंधन पर आने-जाने से बच रहे भाई-बहन
कोरोना संक्रमण का असर भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर भी साफ देखने को मिल रहा है। संक्रमण के डर से बहनें दूर रह रहे भाईयों के पास जाने से बच रही हैं।

 

भाईयों को भी न आने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में इस बार डाकघरों पर राखियां भेजने का ज्यादा लोड है। घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर में डाक से राखी भेजने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण को रोकने वाले नियम कानून के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए देहरादून में जीपीओ में इस बार सात काउंटर लगाए गए हैं। महामारी के असर नतीजा है कि यहाँ रोजाना  काउंटरों पर बीस हज़ार से ज्यादा  हजार राखियां भेजने के लिए आ रही हैं। वहीँ बीते एक हफ्ते की बात करें तो अब तक लगभग एक लाख से ज्यादा राखी डाक के लिए आई हैं। तो आप भी रक्षा बंधन के त्यौहार को पूरे उत्साह से मनाईये लेकिन पूरी सावधानी बरतना भी ज़रूरी है

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