बनभूलपुरा पर फैसला आज, इलाके में जवानों की फौज तैनात, 29 हेक्टेयर रेलवे जमीन और 4365 घरों के भविष्य का सवाल
बनभूलपुरा के रेलवे भूमि विवाद में बुधवार (आज) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। फैसले से पहले जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। बनभूलपुरा जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक है। स्थानीय लोगों को भी लोकल आईडी दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा।पूर्व में यह सुनवाई दो दिसंबर को होनी थी लेकिन समयाभाव के कारण इसे टालते हुए 10 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई।
बुधवार को दोपहर बाद मामले की सुनवाई होगी। याचिका से जुड़े लोग भी दिल्ली पहुंच गए हैं। इसी दिन इस पर फैसला भी आ सकता है। यह मामला सीधे 4365 मकानों में रह रही बड़ी आबादी से जुड़ा है। बीते साल अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस और जिला प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। संभावित फैसले से पहले प्रशासन ने क्षेत्र की संवेदनशीलता और तनाव की आशंका को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है।
रेलवे ने बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, इंदिरा नगर, नई बस्ती और रेलवे पटरी से सटे इलाकों की करीब 29 हेक्टेयर जमीन पर दावा किया है। रेलवे के अनुसार यहां रह रही बड़ी आबादी ने अवैध रूप से निर्माण किया है। स्थानीय लोगों की मानें तो वे लोग यहां 40 से 50 साल से रह रहे हैं। मामले में हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी ने साल 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर कोर्ट ने भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने के निर्देश दिए। इसके खिलाफ क्षेत्रीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
