Monday, January 19, 2026
उत्तराखंड

पौड़ी गढ़वाल में गुलदार के डर से 55 स्कूलों को बंद करने का आदेश, लोग घरों में कैद, जानिए डरावने हालात

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में इन दिनों गुलदार का ऐसा खौफ फैला हुआ है कि 55 स्कूलों को बंद करना पड़ा। अब इन सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराना मजबूरी बन गई है। जिले के 55 स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखा जाएगा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की निर्देश जारी किया है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार और भालू आतंक का पर्याय बने हुए हैं। पौड़ी से सटे चवथ ग्राम सभा में गुलदार ने एक युवक को मार डाला था। इसके बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्वाली के पास गुलदार की सक्रियता को देखते हुए शिक्षा विभाग भी अलर्ट हो गया और क्षेत्र के 55 स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने के आदेश दिए गए।
जिले के संकुल बाडा, चरधार और ढांढरी के ग्रामीण क्षेत्र के सभी स्कूल मंगलवार तक बंद रहेंगे। उप शिक्षा अधिकारी आनंद के मुताबिक बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से जारी रखा जाएगा, जिससे कि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। वहीं जंगली जानवरों की सक्रियता को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदोरिया ने जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में भी अस्थाई परिवर्तन किया है। जिले के स्कूल और आंगनबाड़ी सुबह सवा नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ही संचालित होंगे।
बता दें कि उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में भालू और गुलदारों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर शादी-ब्याह तक के कार्यक्रम इन जंगली जानवरों की वजह से मुश्किल में पड़ रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में शादी विवाह खुले खेतों में आयोजित होते हैं तो वहीं कई अन्य कार्यक्रम भी खुले में ही किए जाते हैं, लेकिन गुलदार और भालू का बढ़ता आतंक ऐसे आयोजनों में भी दहशत फैला रहा है।
जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं और लोग शादी या अन्य किसी भी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने से भी घबरा रहे हैं। पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग या उत्तरकाशी इन सभी जगहों पर भालू और गुलदार के हमले को देखते हुए वन विभाग ने अपनी क्विक रिएक्शन टीम को अलर्ट पर रखा है।

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