सिलक्यारा टनल हादसे को 15 दिन पूरे, टनल के उपरी हिस्से से शुरू हुई वर्टिकल ड्रिलिंग
सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को आज 15 दिन हो चुके हैं आज 16वां दिन है। टनल के मुहाने से हो रही हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग ऑगर मशीन के टूटने के बाद से ठप है। जबकि दूसरे विकल्प के तौर पर टनल के उपरी हिस्से से वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू कर दी गई है। जिसमें अब तक 30 मीटर से अधिक की खुदाई हो चुकी है। यहां से मजदूरों तक पहुंचने के लिये करीब 86 मीटर ड्रिल होना। 45 मीटर के बाद ड्रिलिंग की मशीन बदल दी जाएगी इसके बाद दूसरी मशीन से आगे की ड्रिल होगी। इधर टनल के मुहाने से हो रही हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग ऑगर मशीन के टूटने के बाद बंद थी वो भी जल्द शुरू होने जा रही है। ऑगर मशीन के क्षतिग्रस्त टुकड़े निकाल दिये गये हैं और अब मैन्युअल ड्रिलिंग शुरू की जाएगी।
बचाव के तीसरे विकल्प पर भी काम शुरू हो गया है। टनल के बड़कोट छोर से किया जा रहा है। यहां ब्लास्टिंग तकनीक का इस्तेमाल करके 483 मीटर लंबी बचाव सुरंग बनाने की योजना है। जहां 10-12 मीटर के क्षेत्र में 5 धमाके किये जा चुके हैं।
इस वक्त सबसे बड़ी उम्मीद वर्टिकल ड्रिलिंग से है लेकिन इसमें भी 100 घंटे का समय लगना है। ऐसे में हर कोई यही दुआ कर रहा है कि अब कोई बाधा दोबार ना खड़ी हो जाए।
